Answer: भारतीय संविधान के निर्माण के दौरान, संविधान सभा को धर्म, भाषा, जाति और क्षेत्रीय असमानताओं जैसे कई जटिल मुद्दों से जूझना पड़ा। देश के विभिन्न वर्गों के हितों का समन्वय करना और एक ऐसा दस्तावेज़ तैयार करना जो सभी को स्वीकार्य हो, एक बड़ी चुनौती थी। साथ ही, ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त करने के तुरंत बाद, समय की कमी और संसाधनों की सीमाएँ भी बड़ी बाधाएँ थीं।